रेशमा की रेशम सी चूत

(Reshma Ki Resham Si Choot)

मैं आप सभी अन्तर्वासना के पाठकों का मेरी हिंदी भाषा में सेक्स कहानी में स्वागत करता हूँ।

मेरा नाम वसीम है, मैं जयपुर का रहने वाला हूँ और अभी मेरी उम्र 19 साल है। मैं दिखने में बहुत मस्त हूँ अच्छी बॉडी है।

मैं आप सबका ज़्यादा समय ना लेते हुए बताना चाहूँगा कि यह कहानी मेरे पहले सेक्स की है.. जो कि मैंने पढ़ाई के दौरान किया था। मैंने जिस लड़की को चोदा था, उसका नाम रेशमा था।
वो दिखने में बहुत गोरी, तीखे नैननक्श वाली है। मैं उसे बहुत पसंद करता था।

जब से मैंने सेक्स के बारे में समझना शुरू किया.. तभी से उसके नाम से मुठ मारने लगा था। ये बात केवल मेरे दो दोस्तो को पता थी कि मैं उससे प्यार करता हूँ।

वो भी मुझे कभी-कभी छुप-छुप कर देखती थी, पर मैं इससे अपना वहम समझता था। उससे मेरी अच्छी दोस्ती तो थी ही, मैं सोचता था कि कहीं उसे प्रपोज किया और उसने मना कर दिया तो प्यार तो जाएगा ही.. दोस्ती भी चली जाएगी।

इसी तरह दिन गुज़रते गए और एक दिन जब हमारे कॉलेज में फेयरवेल था.. तो उस दिन वो बहुत खूबसूरत लग रही थी।

मेरे दोस्तो के ज़्यादा बोलने पर मैंने उसे अकेले एक क्लास रूम में ले जाकर ‘आई लव यू’ बोल दिया। उसने उस वक्त मुझे कुछ जवाब नहीं दिया और वहाँ से चली गई।

इसके बाद एक-दो दिन तक वो स्कूल नहीं आई। इससे एक बार को तो मैं डर गया कि कहीं उसने अपने घर वालों को सब बता तो नहीं दिया।
लेकिन अगले दिन वो स्कूल आई थी.. तो मैंने सोचा कि पता नहीं अब उसका जवाब क्या होगा।

जब छुट्टी हो रही थी तो उसने अपनी एक सहेली.. जिसका नाम कोमल था, उसके साथ एक पत्र भेजा, उसमें लिखा था ‘आई लव यू टू वसीम’
मेरी बांछें खिल गईं।

उस दिन मैं बहुत खुश था।

उसके बाद उसमें और मुझमें खूब बातें होने लगी थीं। मोबाइल से मैसेज और बातों का दौर चलता गया।
हम दोनों अकेले में मिलने लगे।

एक दिन मैंने उसे शाम को पार्क में मिलने के लिए बुलाया। मैंने उसे वहाँ देखा तो यार वो रेड स्कर्ट आंड ब्लू जींस में क्या कयामत ढा रही थी.. मैं तो पागल ही हो गया।

मैं उससे बातें करने लगा और उधर एक तरफ थोड़ा अँधेरा सा था, सो मैं उसको बातें करते हुए उधर को ले गया और मैंने उसे किस करना शुरू कर दिया।

जैसे ही मैंने उसके मम्मों पर हाथ लगाए.. उसने मेरा हाथ हटा दिया और कहा- ये सब अभी नहीं.. शादी के बाद।

दोस्तो, मैं आपको ये बात बता दूँ कि मैं उससे सेक्स वाला प्यार नहीं करता था।
आई रियली लव्ड हर।

मैंने भी उस टाइम उससे कहा- तुम डरो मत.. आई लव यू.. और प्रोमिस यू कि मैं तुमसे कभी अलग नहीं होऊँगा।

वो मान गई और मैं उसे उधर से थोड़ी दूर मेरे दोस्त के फार्महाउस पर ले गया।
फ़ार्महाउस में अन्दर कमरे में जाते ही मैं उसे पागलों की तरह की करने लगा और उसके गुलाबी होंठों को चूस-चूस कर लाल कर दिया।

वो भी एकदम कामुक हो उठी थी।

मैंने उसका टॉप उतार दिया और उसकी जीन्स भी उतार कर अलग कर दी।

क्या बताऊँ यारों.. वो ब्लैक ब्रा और ब्लैक पैन्टी में क्या माल लग रही थी।
उसने भी चुदास के चलते मेरी शर्ट और जीन्स उतार दी।

अब हम दोनों केवल अंडरगार्मेंट्स में ही थे।

अब मैं फिर से उसके होंठों को चूसने लगा और एक हाथ से उसके मम्मों को दबाने लगा।
हम दोनों के जिस्मों में एक करेंट सा दौड़ने लगा।

प्यार का खेल और आगे बढ़ा.. और मैंने झटके से उसकी ब्रा भी उतार दी।

मैंने पागलों की तरह उसके मम्मों को देखा, जो एकदम मासूमियत से लबरेज बच्चों की तरह किसी बंधन से छूट कर खुली हवा में खेलने लगे थे।
उसके मम्मे एकदम गोरे थे और उन पर एकदम कड़क गुलाबी निप्पलों ने मुझे दीवाना कर दिया।

मैं उसके चूचुकों को अपने दाँतों से काटने लगा, वो भी मदमस्त होने लगी और मेरे सिर को अपने मम्मों पर दबाने लगी।

कुछ ही पलों में उसके मम्मों को पूरा चचोर चुका था।
उसके मम्मे मेरे चूसने और काटने की वजह से एकदम लाल हो गए थे और उन पर मेरे दाँतों के काटने के निशान बन गए थे।

रेशमा भी बहुत गर्म हो चुकी थी।

वो बोलने लगी- अब सहा नहीं जाता.. अब डाल दो.. मुझसे सब्र नहीं हो रहा है।

अब मैं उसकी चूत पर आ गया.. जो कि बिल्कुल गोरी थी और बहुत हल्के और छोटे-छोटे सुनहरे रेशमी बालों से सजी हुई थी।

क्या बताऊँ दोस्तो.. मैं आज एकदम बौरा सा गया था, मैं उसकी चूत को किस करने में लग गया।
इतने में ही उसका पानी निकल गया।

मैंने उसकी बुर का पानी चाट लिया।

कुछ देर के लिए वो निढाल हो गई।

अब चूसने की उसकी बारी थी। मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया और उसने बड़े प्यार से मेरा लौड़ा चूसना शुरू कर दिया।
कुछ मिनट तक मैं उसके मुँह को चोदता रहा।

अब मैं उसके ऊपर आ गया और उसकी टाँगों को चौड़ा करके अपने टोपे को उसकी चूत के मुँह पर रख दिया।

उसने मुझसे पेलने का इशारा किया और मैंने एक जोर का झटका लगा दिया। परन्तु मेरा टोपा फिसल गया।
उसकी चूत बहुत टाइट थी, मैंने वहाँ पर रखी हुई एक क्रीम को अपने लंड पर लगाया और उसकी चूत पर रख कर झटका लगाया। अबकी बार मेरा सुपारा उसकी चूत में घुस चुका था।

मेरा सुपारा घुसा ही था कि अचानक से उसकी भी चीख निकल गई।

मुझे भी उसकी चूत के कसाव के कारण लौड़े में दर्द होने लगा मेरा भी टांका टूट गया था।

वो छटपटाने लगी.. मैंने भी ज़्यादा जल्दी करना ठीक नहीं समझा और उसके मम्मों और होंठों को चूसने लगा।
कुछ पलों बाद वो कुछ शान्त हुई और मैंने धीरे-धीरे धक्के मारने लग गया।

बस कुछ ही देर में उसको भी मज़ा आने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी।
अब दोनों तरफ से धक्के लगने लगे।
पूरे कमरे में हम दोनों की वासना से युक्त ‘आहह.. आउम.. फक मी.. या फक मी..’ की आवाजें आने लगीं।

चुदाई का खेल धकापेल जारी था और अब तक वो दो बार झड़ चुकी थी।
अब मेरा भी आने ही वाला था।
मैं उसकी चूत में ही झड़ गया और मैंने अपना लंड जैसे ही उसकी बुर से बाहर निकाला तो देखा कि मेरा लंड खून से लथपथ था।
पूरी चादर भी लाल हो चुकी थी, मेरा लंड भी छिल गया था।

हम दोनों काफ़ी थक चुके थे सो हम दोनों ही बिस्तर पर ही निढाल हो कर लेट गए।

कुछ देर बाद रेशमा और मैं उठे और बाथरूम में एक साथ नहाने लगे, वो मुझे और मैं उसे नहलाने लगा।

हम दोनों नहा कर वापस कमरे में आ गए, हमारे नंगे जिस्म थे, वो क्या लग रही थी।
उसके गोरे बदन पर पानी की बूंदें मोती की तरह चमक रही थीं।

वो मुझसे थोड़ा शर्माने लगी थी, मैंने फिर से उसे किस करना शुरू कर दिया, वो भी मेरे लंड से खेलने लगी।

मैंने फिर से उससे बिस्तर पर गिरा दिया और उसको चोदना शुरू कर दिया।

इस बार अधिक देर तक मैं उसे चोदता रहा। फिर मुझे उसकी गाण्ड मारने के बारे में ख्याल आया और मैंने उसको डॉगी स्टाइल में आने को कहा.. उसने साफ़ मना कर दिया।

बाद में मैंने उसे गर्भनिरोधक गोली दे दी और उसे उसके घर तक बाइक पर छोड़ दिया।

उसके बाद तो हमारा चुदाई का कार्यक्रम लंबे समय तक चला और मेरे दोस्त का फार्म हाउस अब तक हमारा चुदाई हाउस बन चुका था। अंत में सबसे बड़ी बात कि अब हमारी सगाई भी हो चुकी है।

आपको मेरी चुदाई कहानी जैसी भी लगी हो प्लीज़ मुझे ईमेल ज़रूर कीजिएगा।

अगर मुझसे कुछ ग़लती हो गई हो तो पहली भूल समझ कर इग्नोर कर दीजिएगा।
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