रैगिंग ने रंडी बना दिया-66

(Behan Ki Chudai : Ragging Ne Randi Bana Diya- Part 66 )

पिंकी सेन 2017-11-04 Comments

This story is part of a series:

अब तक की बहन की चुदाई की इस सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा था कि रात को जॉन ने फ्लॉरा को नशे की गोली देकर सुला दिया और उसके नंगे शरीर खूब मसला पर चोद नहीं पाया. सुबह फ्लॉरा ने अपने जिस्म पर लाल निशान देखे तो वो ये सब जॉन को बताने लगी. जॉन उसको समझाने की कोशिश करने लगा.
अब आगे..

जॉन की बात सुनकर फ्लॉरा ने टी-शर्ट थोड़ी नीचे की और अपने गले से नीचे निशान दिखाया, वो एकदम लाल था.
फ्लॉरा- ये देखो भाई आप.. मच्छर ऐसे काटेगा क्या? और भी बहुत निशान हैं. अब मैं नहीं बचूंगी.. मैं मर जाऊंगी.
जॉन- अरे शायद वो दवा गड़बड़ कर गई. तू फिकर मत कर कुछ नहीं होगा तुझे.. और ये क्या मरने की रट लगा रखी है?
फ्लॉरा- मेरे स्कूल की एक लड़की को ऐसे रिएक्शन हो गया था और वो मर गई थी.
जॉन- कुछ नहीं होगा तुझे.. ये कोई रिएक्शन नहीं है, बस दवा गर्म कर गई. चल तू पहले नहा ले, फिर मैं तेरे सारे निशान मिटा दूँगा ओके.
फ्लॉरा- भाई आप सच बोल रहे हो ना.. मुझे कुछ नहीं होगा ना..?
जॉन- हाँ मेरी बेबी तेरी कसम.. तुझे कुछ नहीं होगा. अब जा, नहा ले ओके.

फ्लॉरा चली गई और जॉन वहीं खड़ा बड़बड़ाने लगा- सॉरी फ्लॉरा रात को मैं बहक गया था मगर अब तू टेंशन मत ले तेरे निशान ही मुझे तेरी चुत तक लेकर जाएँगे.

नहाने के बाद दोनों ने नाश्ता किया. फ्लॉरा अब भी टेंशन में थी, नहाने के बाद उसने एक लोंग फ्रॉक पहना था और नीचे सिर्फ़ चड्डी थी.

जॉन- बेबी कूल यार.. ऐसे उदास मत बैठो.. कुछ नहीं हुआ तुम्हें, सब ठीक है.
फ्लॉरा- भाई कुछ ठीक नहीं है. मेरे सीने में भी बहुत दर्द हो रहा है और वो निशान भी तो हैं. आप मॉम-डैड को कॉल करो.. मुझे बहुत डर लग रहा है.

कॉल की बात सुनकर जॉन घबरा गया मगर वो शातिर दिमाग़ का था. उसने बात को संभाल लिया और फ्लॉरा को पटा भी लिया- तत..तू पागल हो गई है क्या.. ये बात उनको पता लगेगी तो वो तुझे बहुत डांटेंगे, बोलेंगे तू बारिश में नहाई ही क्यों और क्या पता तेरी लॉलीपॉप ही बंद कर दें.

फ्लॉरा- भाई ये आप क्या बोल रहे हो.. इस बात का मेरी लॉलीपॉप से क्या लेना-देना?
जॉन- तू बच्ची है.. तुझे नहीं पता लॉलीपॉप के लिए तुझे मॉम मना करती हैं ना.. बस उनको बहाना मिल जाएगा. तू डर मत, मैं हूँ तो उनको क्यों कॉल करना.. तुझे मैं ही ठीक कर दूँगा.
फ्लॉरा- अच्छा ठीक है भाई, अब आपको जो करना है वो करो.. मगर प्लीज़ जल्दी करो.. मेरे सीने में बहुत दर्द हो रहा है.

जॉन- तू एक काम कर.. कमरे में जा और मैं अभी सरसों का तेल गर्म करके लाता हूँ. फिर देखा तेरा दर्द गायब हो जाएगा.

फ्लॉरा कमरे में जाकर बेड पे बैठ गई और जॉन तेल को हल्का गर्म करके ले आया.

जॉन- बेबी अपना फ्रॉक निकाल दो, मैं तेरी मालिश कर देता हूँ, फिर तुझे आराम मिलेगा.
फ्लॉरा- भाई आपके सामने मुझे शर्म आएगी.. मैं कैसे निकालूं?
जॉन- अरे मैं तेरा भाई हूँ और मुझसे कैसी शर्म.. चल निकाल दे.
फ्लॉरा- भाई मुझे थोड़ा अजीब लग रहा है. मॉम को पता लगेगा तो वो मुझसे बहुत नाराज़ होंगी. ऐसे ही वो गुस्सा करती रहती हैं.

फ्लॉरा की मॉम शुरू से ही सख़्त रही हैं. तभी तो जवानी में आकर उन दोनों की ज़्यादा बनती नहीं है. अब जॉन तो फ्लॉरा को चोदने का मन बना चुका था.

जॉन- अरे हम उनको कुछ बताएँगे ही नहीं.. ये बस हमारे बीच रहेगा और मेरा यकीन कर, तुझे बहुत अच्छा लगेगा.

फ्लॉरा ने थोड़ी ना-नुकुर की, फिर वो जॉन की मीठी बातों में आ गई और कपड़े निकाल कर बैठ गई.

जॉन- गुड गर्ल, अब तू आराम से लेट जा, फिर देख तुझे कितना आराम मिलता है.

फ्लॉरा बेड से टेक लगाकर लेट गई और जॉन हल्के हाथों से उसके मम्मों की मालिश करने लगा.

अब दोस्तो, फ्लॉरा कोई दूध पीती बच्ची तो थी नहीं, जो किसी मर्द के हाथ उसके चूचों पे मालिश करें और वो उत्तेजित ना हो, ये तो कुदरत का क़ानून है, भले ही उस उम्र में सेक्स का ज्ञान नहीं होता मगर उत्तेजना तो अपने आप ही आ जाती है.

जॉन धीरे-धीरे उसके मम्मों को सहला रहा था और साथ ही साथ उंगली से उसके निप्पलों को भी छेड़ रहा था.

फ्लॉरा- ससस्स भाई आ उम्म्म्म आह..
जॉन- क्यों बेबी आराम मिल रहा है ना.
फ्लॉरा- आह ससस्स भाई, बहुत आराम मिल रहा है.. आह ऐसे ही करते रहो आह..

फ्लॉरा अपने दोनों पैरों को आपस में रगड़ने लगी थी. उसकी चुत में झनझनाहट शुरू हो चुकी थी.

जब जॉन ने ये देखा तो उसने सोचा ये उत्तेजित हो रही है और इसे एक स्टेप और आगे ले जाने का यही मौका है.

जॉन- फ्लॉरा बेबी लगता है तेरे पाँव भी दर्द कर रहे हैं. मैं ऐसा करता हूँ तेरे पैरों पर भी मालिश कर देता हूँ. तुझे अच्छा लगेगा और आराम भी मिलेगा.
फ्लॉरा- ठीक है भाई आह ऊपर की तरफ़ करना आह… वहां दुख रहा है.

जॉन ने उसकी जाँघों को सहलाना शुरू कर दिया. फ्लॉरा ने दोनों पैर पूरे खोल दिए, वो बोल तो नहीं रही थी मगर उसकी चाहत थी कि जॉन उसकी चुत को भी सहलाए.

फ्लॉरा- सस्स आ भाई थोड़ा ऊपर करो ना.

जॉन का तीर निशाने पे लग रहा था, अब फ्लॉरा अपना संतुलन खो चुकी थी. वो बस यही चाहती थी कि जॉन उसकी चुत को सहलाए और खूब मसले.

जॉन ने मौके का फायदा उठाया अब वो उंगली को चड्डी के एकदम पास ले जाता.. फिर नीचे कर लेता, जिससे फ्लॉरा एकदम पागल हो गई.

फ्लॉरा- सस्स आह भाई… ठीक से करो ना उफ़ थोड़ा और ऊपर करो आह वहां बहुत जलन हो रही है ससस्स प्लीज़ करो जल्दी..
जॉन- बेबी, ऊपर करूँगा तो तुम्हारी चड्डी खराब हो जाएगी, तुम कहो तो ये चड्डी निकाल दूँ.. फिर आराम से कर दूँगा.
फ्लॉरा- आह ठीक है… निकाल दो उफ़ अच्छे से करना भाई आह..

जॉन तो इसी मौके की तलाश में था. उसने जल्दी से फ्लॉरा की चड्डी निकाल दी. अब वो पूरी नंगी उसके सामने पड़ी तड़प रही थी और वो उसकी जाँघों से हाथ उसकी चुत के एकदम पास ले जाता मगर चुत को टच नहीं होने देता, इससे फ्लॉरा झुंझला गई.

फ्लॉरा- आह भाई थोड़ा और ऊपर आ मेरी जान निकल रही है प्लीज़.
जॉन- अरे कर तो रहा हूँ अब तुम ही बताओ कहाँ करूँ.. मेरी तो समझ में नहीं आ रहा.

फ्लॉरा ने जॉन का हाथ पकड़ा और अपनी चुत पर रख दिया.

फ्लॉरा- भाई प्लीज़ यहाँ करो.. आह यहाँ बहुत दर्द हो रहा है प्लीज़ भाई.
जॉन- ऐसा बोल ना.. यहाँ करना है. कब से पूछ रहा था. अब तू आँखें बंद करके आराम से लेट जा और पैर पूरे खोल दे, फिर देख आज तेरा सारा दर्द कैसे बाहर निकालता हूँ.

जॉन ने उंगली पर तेल लगाया और बहन की चुत की मालिश शुरू कर दी. वो धीरे-धीरे उंगली से चुत को खोलता, उसकी गुलाबी लकीर में ऊपर से नीचे उंगली घुमाता. बस एक कच्ची कली के लिए ओर्गज्म तक जाने के लिए ये बहुत था.

फ्लॉरा- ससस्स आह भाई उफ़फ्फ़ उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह बहुत अच्छा लग रहा है.. आह.. ऐसे ही करो आह.. थोड़ा तेज करो भाई उफ़ आह…

फ्लॉरा की चुत किसी भी पल लावा उगलने को बेताब थी और जॉन इस कली के पहले कामरस को वेस्ट नहीं करना चाहता था. उसने फ़ौरन अपने होंठ चुत पे लगा दिए और जीभ से चुत को चूसना शुरू किया. उसी पल फ्लॉरा ने रस की फुहार छोड़ दी, जिसे जॉन लपालप चाटने लगा.

फ्लॉरा- एयाया सस्सस्स भाई आह उउउंम्म..

जब जॉन ने अपनी बहन की चुत को चाट कर एकदम साफ कर दिया, तब फ्लॉरा को होश आया कि अभी जो हुआ वो क्या था.

फ्लॉरा- ओह शिट भाई.. ये क्या था अपने मेरी पुसी को चाटा और उसमें से सूसू जैसा कुछ निकाला, आपने वो भी चाट लिया छी: छी: आपको ज़रा भी घिन नहीं आई?
जॉन- माय स्वीट बेबी.. वो सूसू नहीं कामरस था. तू पहली बार झड़ी है. उसे मैं कैसे वेस्ट कर देता. अब बोल तेरा दर्द कम हुआ या नहीं या और मालिश चाहिए?
फ्लॉरा- भाई, ये ग़लत है आपको ऐसा नहीं करना चाहिए था. मैं आपके सामने ऐसे नंगी पड़ी हूँ छी: नहीं भाई हमने ये सही नहीं किया.. ये ग़लत है.

दोस्तो हर लड़की भोली नहीं होती, अब फ्लॉरा को सेक्स का अता-पता नहीं था मगर ये जो हुआ इतना तो वो समझ ही रही थी कि ग़लत हुआ और वो खुद इसके लिए काफ़ी हद तक ज़िम्मेदार थी. उसने ही जॉन को अपने मज़े के लिए चड्डी निकालने को कहा था.

जॉन- कुछ ग़लत नहीं हुआ है और इसमें छी: वाली कौन सी बात है?
फ्लॉरा- भाई अपने मेरी पुसी को चाटा, उसमें से सूसू निकला.. वो पी गए. ये गंदी बात नहीं है क्या..?
जॉन- अरे मेरी भोली बेबी वो सूसू नहीं कामरस था तेरा.. उसमें जो टेस्ट होता है तुझे कैसे बताऊं मैं?
फ्लॉरा- आपकी बात मेरे समझ के बाहर है भाई.. मुझे बस ये पता है ये जो हुआ वो ग़लत हुआ और अब आप यहाँ से जाओ.. मुझे कपड़े पहनने हैं.

अपना प्लान फेल होते देख जॉन घबरा गया और उसने दूसरा पासा फेंका.

जॉन- अच्छा सुन सुन.. सब कुछ भूल जा और ये बता तुझे मज़ा आया या नहीं?
फ्लॉरा- व्ववो.. भाई मज़ा तो बहुत आया मगर..
जॉन- अगर-मगर को गोली मार.. अच्छा तुझे बड़ी वाली लॉलीपॉप देखनी थी ना?
फ्लॉरा- हाँ भाई देखनी है.. आप मुझे कभी दिखाते ही नहीं हो.
जॉन- आज तू अपने हाथ से पकड़ के चूसना और अपनी आँखों से देख भी लेना मगर मेरी एक छोटी सी शर्त है.
फ्लॉरा- भाई आप ऐसे ही करते हो, अब कौन सी शर्त हाँ.. आज मैं हाथ नहीं बंधवाऊंगी.. बता दिया बस.
जॉन- हाँ बाबा नहीं बांधना.. बस आँखें बंद रखना, जब मैं कहूँ तब खोलना.

जॉन की चिकनी चुपड़ी बातों में फ्लॉरा ये भूल गई कि वो एकदम नंगी है और अभी वो ग़लत सही की बातें कर रही थी.

फ्लॉरा ने आँखों पे हाथ लगा लिया और जॉन को कहने लगी- जल्दी से लेकर आओ भाई.

जॉन- फ्लॉरा, कोई चीटिंग नहीं.. तुझे तेरे पापा की कसम है, जब मैं कहूँ तभी देखना ओके.

फ्लॉरा अपने पापा से बहुत प्यार करती थी इसलिए कसम तोड़ने का सवाल ही नहीं था.

मेरे साथियो, आप मेरी इस बहन की चुदाई की सेक्स स्टोरी पर मर्यादित भाषा में ही कमेंट्स करें.

[email protected]
सेक्स स्टोरी जारी है.

What did you think of this story??

Comments

Scroll To Top